समाधान अभियान के तहत 329 वी कार्यशाला संपन्न l
November 5, 2019 • धर्मेंद्र शुक्ला

  दिनांक 4 नवम्बऱ, 2019
*"समाधान" अभियान के तहत 329 वीं कार्यशाला संपन्न*

*अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, इंदौर झोन,  इंदौर श्री वरूण कपूर द्वारा “Black Ribbon Initiative” के तहत सायबर जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है । इस लोकप्रिय अभियान की 329 वीं कार्यशाला का आयोजन इंदौर पेट्रोल डीलर्स एसोसियेशन,  द्वारा "ब्रिलियेंट कंवेंशन सेंटर" इंदौर में किया गया जिसमें एसोसियेशन के सदस्यों के साथ साथ उनके परिवारजनों ने भी भाग लिया । जिसमें 300 सदस्यों ने सायबर सुरक्षा के संबंध में जानकारी प्राप्त की।*
*कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री वरूण कपूर,  अमनि द्वारा सायबर अपराध बढ़ने के कारणों को विस्तृत रूप से समझाया गया । सायबर अपराध बढ़ने का कारण सुरक्षा के मापदंड नहीं अपनाना,  नियमों की जानकारी न होना एवं असली दुनिया के मापदंड वर्चुअल वर्ल्ड में अपनाना ही सायबर अपराध बढ़ने का मुख्य कारण है । यह युग इंफार्मेशन का युग है। जिसके पास जितनी ज्यादा इंफार्मेशन होगी वह उतना ही सशक्त होगा। आजकल अपराधी भी हमारी सोशल मीडिया पर शेअर की गई जानकारी का उपयोग कर सायबर अपराध को अंजाम दे रहे है । इसलिये अपनी सारी जानकारी सोशल मीडिया पर शेअर न करें । जब आप किसी एप को डाउनलोड करते हैं तो टर्म्स एंड कंडीशंस पर आई "एग्री" क्लिक करने के बाद ही वह डाउनलोड होता है । वैसे सभी कंपनिया सिक्युरिटी का ध्यान रखती है,  परंतु किसी गलत हाथ में आपका डाटा पहुंच गया तो उसका उपयोग कर किसी भी प्रकार के अपराध को अंजाम दिया जा सकता है । केंब्रिज एनालिटिका का उदाहरण देते हुए यह बताया कि उन्होंने फेसबुक से डाटा प्राप्त कर इस प्रकार से उसका अमेरिका के चुनाव के दौरान उपयोग किया व अमेरिका के चुनाव को प्रभावित किया । इसलिये आपका डाटा ही शक्ति है इसे संभाल कर रखें और गलत हाथों में जाने से बचाये । परिवार के सदस्यों को समझाईश देते हुए बताया कि आजकल सेल्फी का बड़ा शौक है । जिस कारण सेल्फी लेते- लेते व्यक्ति ट्रेन में आ जाता है, शेर के पिंजरे में गिर जाता है, खाई में गिर जाता है, नदी में गिर जाता है इसको विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा "सेल्फिआईटिस" बीमारी का नाम दिया गया है ।  सेल्फी कम से कम लेवे यह आपका व्यक्तिगत रिकार्ड है, इसे पोस्ट करने से बचें क्योंकि इसका उपयोग ऑन लाईन शिकारी कर सकते है ।*

  *कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री कपूर ने विशेष तौर पर सदस्यों को इसके अतिरिक्त सायबर के विभिन्न अपराधों की जानकारी देते हुए श्री कपूर ने आगे बताया कि*
• सायबर बुलिंग, सायबर स्टाकिंग, फेसबुक स्टाकिंग, मार्फिंग, फेक प्रोफाईल सायबर से जुड़े वे अपराध है जिनके बारे में जानकारी होना आवश्यक है। 
• आधुनिक टेक्नॉलाजी का इस्तेमाल सुरक्षित ढंग से करते हुए उसका इस्तेमाल अपने लाभ के लिये करें न कि दूसरों को नुक्सान पहुंचाने में । 
• युवा व आमजन सोच समझकर ही फेसबुक पर दोस्त बनाये । इलेक्ट्रानिक्स़ डिवाईस का उपयोग करते समय हमेशा अपने मस्तिष्क में सुरक्षा की बातों को बनाये रखें । 
• वर्तमान् में नागरिकों को नित नये नये सायबर अपराधों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी जानकारी हमें समाचार-पत्रों/ न्यूज चैनलों से प्रतिदिन प्राप्त हो रही है। 
• सायबर अपराधों को नियंत्रित करने व इसके दुष्प्रभावों से बचने का सबसे सशक्त माध्यम है युवाओं व आम नागरिकों की-जागरूकता ।

         *इस अवसर पर कार्यशाला में शामिल सदस्यों ने अपनी बातें प्रश्नों के माध्यम से रखी, जिनका समाधान श्री कपूर ने सहजता से किया।  कार्यक्रम के अंत में एसोसियेशन की ओर से अध्यक्ष श्री राजेंद्र सिंह वासू, सचिव श्री संजय दुबे व कोषाध्यक्ष सुमित कीमती द्वारा श्री कपूर को मोमेंटों व प्रमाण पत्र प्रदान किया गया ।  इस अवसर पर उपुअ श्री सुभाष सिंह भी उपस्थित रहे।*