महिंद्रा बाहा एसएईइंडिया 2020 ने अपने 13वें संस्करण की शुरुआत की
January 22, 2020 • धर्मेंद्र शुक्ला

महिंद्रा बाहा एसएईइंडिया 2020 ने अपने 13वें संस्करण की शुरुआत की

मध्यप्रदेश से 20  प्रविष्टियों में से 15 शहर के कॉलेजों ने बाहा  2020 फिनाले के लिए क्वालिफ़ाई किया है।
फिनाले में 253 बाहा बग्गी क्वालिफ़ाई करते हैं

इंदौर, जनवरी 22, 2020: एसएईइंडिया, ने जो कि ऑटोमोटिव इंजीनियर्स की एक प्रोफ़ेशनल सोसाइटी है, ने महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड और अन्य स्पॉनसर्स के साथ मिलकर आज बेहद प्रतीक्षारत बाहा एसएईइंडिया सीरिज़ के 13 वें संस्करण की शुरूआत करने की घोषणा की है, जिसमें पिथमपुर और चंड़ीगढ़ की 253 टीमें भाग ले रही हैं। पिथमपुर में 120 एम-बाहा टीमें और 53 ई-बाहा टीमें उनके बग्गीज़ बनाने के लिए चुनी गई है और वे ईवेंट में हिस्सा ले रही हैं। पिथमपुर के ईवेंट का शुभारंभ नैट्रिप की नैट्रैक्स साइट पर 23 जनवरी, 2020 को होगा, और इसका ग्रांड फिनाले 26 जनवरी, 2020 को आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 27 और 28 जनवरी को एचआर राउंड होंगे। बाहा एसएईइंडिया 2020 के 13वें संस्करण का दूसरा भाग चितकारा युनिवर्सिटी के पास चंड़ीगढ़ में 6 से 8 मार्च, 2020 के बीच होगा, जहां 80 एम-बाहा टीमें भागीदारी करेंगी।

मध्यप्रदेश की चयनित 15 एंट्रीज़ में से इंदौर के ही आठ कॉलेज हैं जिन्होंने फिनाले के लिए क्वालीफ़ाई किया है। बाहा सीरिज़ के अंतिम कुछ एडिशन्स के लिए, मध्यप्रदेश की अधिकतम एंट्रीज़ इंदौर शहर से है। इंदौर के कॉलेजों ने पिछले कुछ सालों में फिनाले में कई अवॉर्ड जीते हैं।
प्रत्येक वर्ष की तरह, इंदौर  नैट्रिप  सुविधा पर नैट्रैक्स पर हज़ारों छात्रों को होस्ट कर रहा है, जो बाहा एसएईइंडिया   2020 की सफलता के लिए एकत्रित रूप से काम करेंगे। बाहा एसएईइंडिया  की सबसे अनोखी बात यह है कि वह हर साल एक नई थीम लेकर आता है। इस साल, बाहा  2020 की थीम है 'ब्रेकिंग कन्वेन्शन्स,' जिश्का जश्न बाहा मनाता है, यह थीम पूरी तरह से अवधारणाओं को चुनौती देने के बारे में है, जिसे ई-बाहा या एक ऑल-गर्ल टीम कहें। 

बाहा एसएईइंडिया   छात्रों को एक सिंगर-सीटर फोर-व्हील्ड ऑल-टरैन वेहीकल (एटीवी) की अवधारणा बनाने, डिज़ाइन करने, निर्मित करने, परीक्षण और सत्यापित करने का काम सौंपता है ताकि वे चार दिवसीय होने वाले ईवेटं की सीरिज़ में भाग ले सके। इस ईवेंट में तकनीकी निरीक्षण, स्टेटिक मूल्यांकन जैसे कि डिज़ाइन, लागत और बिक्री प्रदर्शन और डायनामिक ईवेंट जैसे कि एक्सलरेशन, स्लेज पुल, मेनुएबिलिटी, संस्पेंशन और ट्रैक्शन शामिल होंगे जिसके बाद 4 घंटों का एक एंड्यूरेंस ईवेंट होगा।

महिंद्रा इलेक्ट्रिक के सीईओ, महेश बाबू ने कहा, “बाहा एसएईइंडिया ऑटोमोटिव इंजिनियरिंग के लिए प्रतिभा की एक खान है। ऑटोमोटिव और टेक्नोलॉजी की दुनिया में नए व्यवधानों के साथ, हम कल के इन भावी प्रतिभावान इंजिनियर्स को सहायता देने की उम्मीद करते हैं। इस बात पर गौर करना बहुत ही उत्साहजनक है कि eBaja के साथ इस मंच पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को किस तरह अपनाया जा रहा है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विकास को देखते हुए, हम इन इंजीनियरों को पूरे उद्योग के लिए एक उज्जवल भविष्य के रूप में देखने के लिए तत्पर है।”

एसएईइंडिया के प्रेसिडेंट, और बोईंग इंडिया के एमडी डॉ. बाला भारद्वाज, एसएईइंडिया के प्रमुख ईवेंट के रूप में बाहा  को मानते हुए कहते हैं, " बाहा  इंजीनियरिंग के छात्रों को संपूर्ण विकास हेतु मंच प्रदान करता है। यह प्रतिस्पर्धा हमारे साथी इंजिनियर्स को रियल-लाइफ़ के उपयोग और डिज़ाइन, विश्लेषण और समस्या का समाधान करने के उनके कौशल को सुधारने और उनके पारस्परिक कौशल और आत्म-विश्वास को बेहतर बनाने में सक्षम बनाएगी।

इस अवसर पर बात करते हुए, बाहा एसएईइंडिया 2020 के संयोजक श्री. एस. बलराज, ने कहा, "इस ईवेंट के ज़रिए, बाहा एसएईइंडिया ऐसे कई पैशनेट छात्रों के जीवन को बदलने का काम कर रहा है जो इतने महत्वकांशी और प्रतिभाशाली है कि वे अपने जीवन में कुछ खास कर सकते हैं। बाहा एसएईइंडिया अब संपूर्ण देश में साथी इंजीनियर्स के लिए बहुप्रतीक्षित ईवेंट बन गया है, और हमें आशा है कि, हर साल की तरह, इस साल भी, टीमें अपनी क्षमताओं के अनुसार बेहतरीन प्रदर्शन देंगी।"

बाहा एसएईइंडिया ने ई-बाहा सीरिज़ की शुरूआत 2015 में की थी, ताकि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के ऑनसेट से लाभ मिल सके। पारंपरिक बाहा   वाहन 10 HP ब्रिग्स और स्ट्रैटन गैसोलीन इंजन पर चलते हैं, जो कि सभी बाहा टीमों के लिए आम बात है, जबकि ई-बाहा वाहन 6kW पीक इलैक्ट्रिक पावर के साथ इलैक्ट्रिक मोटर पर चलते हैं, जिन्हें लिथियम-आयन बैटरी पैक से रिचार्ज किया जाता है। यहां, छात्र मोटर, कंट्रोलर और बैटरी को सोर्स करने और उनका स्वयं का बी एम् एस (बैटरी प्रबंधन प्रणाली) डिज़ाइन करने के लिए स्वतंत्र है। इस साल, हमने भारतीय उद्योग में इलेक्ट्रिक वेहीकल्स मोबिलिटी के लिए मानव संसाधान की आवश्यकताओं को समझते हुए, इलैक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में अध्ययन करने वाले कई छात्रों को इस ईवेंट में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया है।

बाहा फिनाले के लिए, संपूर्ण देश से आई प्रविष्टियों  को 17 जुलाई को चड़ीगढ़ की चितकारा यूनिवर्सिटी में वर्चुअल राउंड में स्क्रीन किया गया था, इस राउंड में बाहा  बग्गी वेहीकल के लिए उनके वे डिज़ाइन प्रदर्शित किए थे, जिन्हें वे फिनाले ईवेंट के लिए डिज़ाइन करना चाहते थे। क्वालीफ़ाई करने वाली टीमें उनके सीएडी डिज़ाइन, सीएई विश्लेषण, डीऍफ़एम्ईए, डीवीपी और रॉल केज, सस्पेंशन, स्टीयरिंग और ब्रेक्स के विश्लेषण के माध्यम से चुनी गई थी और साथ ही साथ उनकी बाहा रूलबुक जागरूकता और तकनीकी ज्ञान का मूल्यांकन करने के लिए एक ऑनलाइन परीक्षण किया गया था। वर्चुअल बाहा पर प्रदर्शित की गई इंट्रिज़ मॉक-अप्स थीं, जिन्हें प्रतिभागियों द्वारा सटीक विशिष्टिकरण के साथ बनाया जाएगा। फिनाले राउंड की टीमें अब उनकी बग्गी कार रेस को बनाने के साथ ऑटोमोबाइल के प्रति उनके कौशल, समझ और जुनून का प्रदर्शन करेंगी।

भारत में, बाहा एसएईइंडिया   (ऑटोमोटिव इंजीनियर्स की सोसाइटी) ने अपनी यात्रा वर्ष 2007 में शुरू की थी और डॉ. पवन गोयनका (एसएईइंडिया   के अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान) और डॉ. के.सी. वोरा की अध्यक्षता में लॉन्च किया था। इस स्तर के मेगा-ईवेंट को करते हुए अपरिवर्तित क्षेत्र पर एसएईइंडिया  ने वेंचर कर लिया है,  नैट्रिप  ने मदद करने के लिए आगे आते हुए, पिथमपुर स्थित निर्धारित क्षेत्र नैट्रैक्स प्रदान किया है। इसी तरह, IIT रोपर भी पंजाब में इसके प्रथम दो ईवेंट को प्रबंधित करने के लिए आगे आया, इसके बाद, चितकारा यूनिवर्सिटी है जो कि अगले तीन सालों के लिए बाहा को होस्ट करेगी।

बाहा एसएईइंडिया  
बाहा एसएईइंडिया इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के लिए एक शैक्षिक खोज है, एक आउट-ऑफ़-क्लासरूम-एजुकेशन सिस्टम है, जहां इंजीनियरिंग के छात्र एक टीम के रूप में भागीदारी कर सकते हैं। इसके माध्यम से उन्हें इस उद्योग में वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करने का मौका मिलेगा। शुरूआत में एसएई इंटरनेशनल द्वारा इसे यूएसए में मिनी बाहा एसएई के रूप में शुरू किया गया था, आज इसे कई देशों में आयोजित किया जा रहा है। भारत में, यह बाहा एसएईइंडिया के तौर पर आयोजित हो रहा है। एक अंतर्राष्ट्रीय छात्र स्तर प्रतिस्पर्धा जिसमें देश की सभी यूनिवर्सिटी की टीमें ऑल-टेरेन वेहीकल्स की अवधारणा, डिजाइन, विश्लेषण, निर्माण, सत्यापन करती हैं। इसका मूल्यांकन डिज़ाइन, लागत मूल्यांकन, बिक्री प्रदर्शन, एक्सलरेशन, मान्यूवेराबिलिटी, स्लेज पुल, सस्पेंशन और ट्रैक्शन तथा लिडिंग इन्ड्यूरेंस जैसे स्टेटिक, डायनामिक और इन्ड्यूरेंस ईवेंट के दौरान किया जाता है।

कई सालों से, बाहा  की संख्या में वृद्धि हुई है और यह आज राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण ईवेंट बन गया है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। यह युवा इंजीनियर्स के लिए एक प्लेटफॉर्म की तरह है जहां वे अपने कौशन का प्रदर्शन करते हैं और छात्रों की दीर्घकालिक सफलता के लिए अत्यावश्यक परिस्थितियों में आने वाली बाधाओं और चुनौतियों पर नियंत्रण पाने के लिए वास्तविक जीवन का अनुभव प्राप्त करते हैं। 

महिंद्रा, डॉ. पावन गोयनका की अध्यक्षता में इसकी स्थापना के बाद से इस ईवेंट को स्लेट करने में अपनी प्रमुख भूमिक निभा रहा है। पिछले नौ वर्षो से, महिंद्रा इसका टाइटल स्पॉन्सर है और गर्व से यह परंपरा को चलाता आ रहा है। बीपीसीएल इसकी स्थापना के समय से इसका सह-प्रायोजक रहा है। हम सभी प्रायोजकों का धन्यवाद देते हैं: एआरएआई, एल्टायर, आनंद ऑटोमोटिव्स, एएनएसवायएस, एवीएल, भारत पेट्रोलियम, बीकेटी, बॉश, ब्रिग्स एंड स्ट्रैन, चितकारा यूनिवर्सिटी, कॉन्टिनेंटल, कमिंस, एलिटियन, फ्यूरेशिया, जीएम, आईएसी, आई सीएटी, आईआईएसटी, आईटीडब्ल्यू चेमिन, जेके फेनर, एल एंड टी, लियर, एलएनसीटी, मेथ्सवर्क, मेदांता, मोसिएक, एमएससी सॉफ़्टवेयर, मुनीटोर,  नैट्रिप , ओयो, पद्मिनी इंजीनियरिंग, पावर इक्विपमेंट, प्रिया ईवेंट्स, रेडिसन होटल्स, थिंक क्रिएटिव, टोटल फेसेलिटी मैनेजमेंट, ट्रिम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, वेरोक और वीजे प्रोडक्शन्स जो कि बाहा एसएईइंडिया के ज़रिए भावी इंजीनियर्स के निरंतर जुनून को और उन्हें तैयार करने के लिए उनका समर्थन कर रहे हैं। बाहा एसएईइंडिया  को एसआईएएम, एसीएमए, एएसडीसी और एआईसीटीई की ओर से संस्थागत समर्थन मिलता है। हम सामान्यतः नैट्रिप के आभारी है और विशिष्ट रूप से नैट्रैक्स  के आभारी है जो साल दर साल हमें अपना महत्वपूर्ण समर्थन दे रहे हैं।

ई-बाहा के बारे में
ई-बाहा एक ईवेंट है जिसकी शुरूआत बाहा एसएईइंडिया   की स्टेयरींग कमिटी एंड ऑर्गनाइज़िंग कमिटी ने की है, यह ईवेंट हर साल करीब 1500 इंजिनियरिंग छात्रों को इसमें शामिल करता है। भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के ऑनसेट का लाभ लेने के लिए, एसएईइंडिया   ने इस ईवेंट की शुरूआत महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के अध्यक्ष श्री सुबोध मोर्य के रहते 2015 में की थी। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां इंजीनियरिंग छात्र बाहा  रूलबुक के जैसे ही डायनामिक्स पर एक इलेक्ट्रिक वाहन निर्मित करने का मौका पाते हैं और इलेक्ट्रिक पावर के साथ इस वाहन द्वारा किए जाने वाले चमत्कार का अनुभव करते हैं। भारत के पूर्व राष्ट्रीय महामहिम स्वीर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के साथ एक सत्र के दौरान, उन्होंने इस प्लेटफॉर्म का उपयोग राष्ट्रीय समृद्धि के लिए करने का सुझाव दिया था। उनके विचारों से अभिभूत होकर, आयोजन समिति ने इसके 8 वें सीज़न में एक नया सब-ईवेंट शामिल करने का निर्णय लिया जिसका नाम है – ई-बाहा है। पारंपरिक बाहा  पेट्रोल से चलने वाले एटीवी हैं, जबकि ई-बाहा वाहन इलैक्ट्रिक पावर के साथ इलैक्ट्रिक मोटर पर चलते हैं, जिन्हें लिथियम-आयन बैटरी पैक से रिचार्ज किया जाता है।