म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, इन्दौर के दल द्वारा काॅमन बाॅयोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फेसिलिटी एवं अस्पतालों का निरीक्षण* 
April 10, 2020 • धर्मेंद्र शुक्ला

*म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, इन्दौर के दल द्वारा काॅमन बाॅयोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फेसिलिटी एवं अस्पतालों का निरीक्षण* 


   
    इन्दौर में कोविड-19 से फैली महामारी के उपचार हेतु जिला प्रशासन द्वारा रेड, यलो एवं हरी श्रेणी के अंतर्गत विभिन्न चिकित्सीय संस्थानों को चिन्हित किया गया है। उपचार के दौरान इन अस्पतालों से उत्पन्न कचरे के सुरक्षित डिस्पोजल की व्यवस्था सुनिश्चियन हेतु म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लगातार निरीक्षण कार्य किये जा रहे हैं।
 
    इसी क्रम में बोर्ड के दल द्वारा सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-एफ में स्थापित हाॅस्विन इन्सिनरेटर तथा बाॅम्बे हाॅस्पिटल का निरीक्षण किया गया। जैविक अपशिष्ठ के निरीक्षण के दौरान हाॅस्विन इन्सिनरेटर प्रा.लि. इन्सिनरेटर में कार्यरत सभी कर्मचारियों द्वारा नियमानुसार मास्क, हैण्ड ग्लोब्स सहित आवश्यक पी.पी.ई. का उपयोग किया जा रहा है। अपशिष्ठ की हैण्डलिंग के समय सैनीटाइजर का उपयोग किया जा रहा है। इस हेतु एक कर्मचारी आवश्यक क्षमता के सैनीटाइजर स्प्रे टैंक के साथ तैनात है। इन्सिनरेटर की क्षमता 500 कि.ग्रा./घंटा है। कोविड-19 के उपचार हेतु चिन्हित अस्पतालों/कोरान्टाइन सेन्टर्स के अपशिष्ठों को प्राथमिकता के आधार पर सीधे आॅटोमेटिक फीडिंग सिस्टम द्वारा इन्सिनरेटर में भस्मन हेतु भेजा जाता है। संस्था द्वारा गैस आधारित 2 स्टेज 2 सेकेण्ड रेसीडेन्स टाइम आधारित रोटरी इन्सिनरेटर स्थापित किया गया है, जिसके प्रायमरी चेम्बर में तापमान 900 डिग्री सेल्सियस एवं सेकण्ड्री चेम्बर में 1100 डिग्री सेल्सियस पाया गया इन्सिनरेटर में वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु फ्लू गैस की स्क्रबिंग हेतु ड्राय गैस स्क्रबिंग सिस्टम लगाया है तथा आॅनलाइन माॅनिटरिंग सिस्टम स्थापित है। प्लांट स्काडा आधारित है तथा यहां पूर्णतः आॅटोमेशन है। यहां सभी वाहनों को विसंक्रमित भी किया जाता है।
 
बाॅम्बे हाॅस्पिटल की क्षमता 250 बिस्तर की है। जिला प्रशासन द्वारा इस अस्पताल को वर्तमान में ग्रीन श्रेणी के मरीजों के उपचार हेतु चिन्हित किया है। निरीक्षण के दौरान श्री पंकज वर्मा, सुपरवाईजर उपस्थित थे। संस्था द्वारा नियमानुसार अस्पताल से उत्पन्न जीव चिकित्सा अपशिष्ठ को पीले, लाल, नीले एवं सफेद आधानों में अलग-अलग संग्रहित किया जाता है, तथा इसे अपशिष्ठ संग्रहण हेतु बनाए गए कमरे में संग्रहित किया जाना पाया गया, जहाॅं से यह भस्मन/उपचार हेतु हाॅस्विन इन्सिनरेटर भेजा जाता है। उपचार के दौरान निकली इंजेक्शन/सुइयों को विसंक्रमित की व्यवस्था की गई है। 
लिक्विड अपशिष्ठ के उपचार हेतु स्थापित एस.टी.पी. कार्यरत अवस्था में पाया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में जीव चिकित्सा अपशिष्ठ के पृथक्कीकरण, संग्रहण, भण्डारण, परिवहन की उपयुक्त व्यवस्थाएॅ संचालित होना पाई गईं।