दी साड़ी एडिक्शन रोशनी से सराबोर रैम्प पर साथ चले  परंपरा और पुरानी पीढ़ी
December 19, 2019 • धर्मेंद्र शुक्ला

दी साड़ी एडिक्शन
रोशनी से सराबोर रैम्प पर साथ चले 
परंपरा और पुरानी पीढ़ी

इंदौर, 18 दिसम्बर, 2019। शहर में कल एक अनूठे फैशन शो का आयोजन हुआ। सर्द होती रात में जब इस अनूठे फैशन शो की प्रतिभागी रैम्प पर आईं तो दर्शकों ने उनका उत्साहवर्धन किया। खास बात यह थी कि इनमें से कुछ प्रतिभागी जीवन मे पहली बार 60 की उम्र में रैम्प पर कदम रख रही थीं। लेकिन उनकी ऊर्जा और उत्साह ने प्रोफेशनल मॉडल्स को भी उनका मुरीद बना दिया। यह आयोजन था 'दी साड़ी एडिक्शन'। अवनि पीआर एन्ड इवेंट्स द्वारा होटल सयाजी में आयोजित इस कार्यक्रम के दो मुख्य उद्देश्य थे। पहला समाज में उपेक्षित बुजुर्गों को सम्मान सहित आगे लाना और दूसरा भारतीय पारंपरिक परिधान साड़ी को प्रचलित परिधान के रूप में स्थापित करना। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश सहित गुजरात, महाराष्ट्र आदि स्थानों से भी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने साड़ियों को विभिन्न तरीकों से कैरी करके रैम्प वॉके किया। साथ ही वृद्धाश्रम से आई बुजुर्ग महिलाएं भी रैम्प पर इन प्रतिभागियों और प्रोफेशनल मॉडल्स के साथ पूरे आत्मविश्वास से कदम मिलाकर चलीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में .........…  उपस्थित रहे। इस आयोजन में भारतीय परंपराओं और बुजुर्गों के सम्मान के साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य को भी केंद्र बिंदु बनाया गया था।
इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए अवनि पीआर के फाउंडर-डायरेक्टर श्री विकास यादव तथा पूर्व मिसेस इंडिया श्रीमती शिल्पा बागरेचा ने बताया- 'हमने जब इस आयोजन के बारे में सोचा तो मूल में यही विचार था कि साड़ी को सहज पहनावे के रूप में प्रस्तुत करना है और हमारी पुरानी पीढ़ी को नई पीढ़ी के साथ जोडकर इस तरह प्रस्तुत करना है कि नई और पुरानी पीढ़ी के बीच के बांड को मजबूती दी जा सके। इसके लिए .......वृद्धाश्रम से करीब ....... महिलाओं को हमने विशेष रूप से साथ आने के लिए आमंत्रित किया। ......वृद्धाश्रम की श्रीमती ने इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया। सभी प्रतिभागियों को इसके लिए विशेष रूप से जनकनंदिनी सारीज़ द्वारा साड़ियां प्रदान की गईं थी। इस अवसर पर निर्णायक के रूप में ........... उपस्थित थे। शो के लिए प्रतिभागियों का मेकअप 
ओरेन इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट द्वारा किया गया।