*जबलपुर शहर देश का पहला ‘कोरोना फ्री शहर’ बनने की ओर है, देश के लिए सुकून वाली खबर* 
April 4, 2020 • धर्मेंद्र शुक्ला

*जबलपुर शहर देश का पहला ‘कोरोना फ्री शहर’ बनने की ओर है, देश के लिए सुकून वाली खबर* 
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Jabalpur, Madhya Pradesh: कोरोना वायरस (COVID-19) की महामारी के कहर के बीच आज जबलपुर (Jabalpur) शहर में कई राहत भरी खबरें आई हैं। कोरोना संक्रमित मरीज़ों के सम्पर्क मे आये सभी 13 संदिग्धों की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद सभी को बुधवार को आइसोलेशन सेंटर से डिस्चार्ज कर दिया गया है। आपको बता दें की यहां भर्ती सभी लोग सराफा कारोबारी सुहागन आभूषण के मुकेेश अग्रवाल (Mukesh Aggrawal) के सम्पर्क में आए और उसके संक्रमित कर्मचारियों के परिजन थे।

इन सबके नमूनों की जांच में कोरोना संक्रमण नहीं मिलने पर इन्हे डिस्चार्ज करने किया गया है। फिर भी सभी को 7 दिन तक होम क्वारंटाइन के निर्देश दिए गए हैं। विक्टोरिया जिला अस्पताल से भेजे गए एक संदिग्ध का नमूना भी जांच में निगेटिव आया है। मेडिकल अस्पताल में भर्ती संक्रमितों के नमूनों की भी 48 घंटे में दो बार जांच कराने की तैयारी की जा रही है। दोनों जांच रिपोर्ट निगेटिव होने पर मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा।

इसके आवला विक्टोरिया अस्पताल से भेजे गए एक अन्न संदिग्ध की जाँच रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। अभी मीडिया में आई खबर के अनुसार पॉजीटिव मरीजों की हालत स्थिर है। जबलपुर शहर में कोरोना टेस्ट में पॉजीटिव मिले 8 मरीज नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में भर्ती हैं। इसके बाद अब कोई भी पॉजिटिव नहीं पाया गया है। दो रिपीट टेस्ट में निगेटिव मिलने पर उन्हें डिस्चार्ज करने पर विचार किया जाएगा। आइसोलेशन सेंटर में बुधवार तक 13 संदिग्ध भर्ती थे। सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर डिस्चार्ज कर दिया गया।

विक्टोरिया अस्पताल से आई अच्छी खबर

विक्टोरिया अस्पताल में भेजे गए 5 जाँच सैम्पल संक्रमित नहीं मिलने के बाद भी जबलपुर प्रशासन अलर्ट पर है। प्रशासन अब बारी बारी से कोरोना संदिग्धों के नमूने ले रहा है। इसके अलावा संक्रमितों के क्षेत्र के 100 मीटर के दायरे को सीन किया गया है।

बुधवार को भेजे गए एक अन्य संदिग्ध की रिपोर्ट निगेटिव मिली थी, जिससे सभी ने रहत की साँस ली। ग्रामीण क्षेत्रों और भीड़ पर फोकस कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में बाहर से आ रहे मजदूरों और शहर के भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों पर पैनी नज़र रखे हुए है। कम्यूनिटी इन्फेक्शन के खतरे का पता लगाने के लिए अन्न सैम्पल लिए जाने की तैयारी है।

कोरोना पॉजीटिव और संदिग्ध लोगों के घरों के आसपास के 3 किलोमीटर के इलाके को सील किया जा रहा है। जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण को रोका जा सके। जबलपुर में बड़ा फुहारा से बल्देवबाग मुख्य मार्ग क्षेत्र को जिला प्रशासन व नगर निगम ने कोरेना वायरस प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया।

कोरोना वायरस प्रभावित क्षेत्र सीमा प्रारंभ का बोर्ड लगाया


अब यहाँ COVID-19 कोरोना वायरस प्रभावित क्षेत्र सीमा प्रारंभ का बोर्ड भी लगा दिया गया। इस बोर्ड में लिखा कि कलेक्टर के आदेशानुसार आगे जाना पूर्णत: प्रतिबंधित है। जब स्थानीय लोगो ने कारण पूछा, तो अधिकारियों ने कहा की यहाँ पर कोरोना पीड़ित मुकेश अग्रवाल का कर्मचारी रहता है। इसके कारण यह क्षेत्र कोरोना वायरस प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है।

इसके अलावा दिल्ली में तब्लीग़ी जमात मरकज़ में कोराना पीडि़तों की संख्या को देखते हुए जबलपुर एसपी के निर्देश पर बुधवार को शहर के सभी थाना क्षेत्रों में चैकिंग अभियान चलाया गया। सभी कौमी स्थलों के साथ अन्य स्थलों की गोपनीय तौर पर जानकारी जुटाई गई। हालांकि जमात को लेकर किसी थाने से अनुमति नहीं ली गई है।

इसका मतलब यह लगाया जा रहा है की तब्लीग़ी जमात (Tablighi Jamaat Markaj) के लोग जबलपुर (Jabalpur) में प्रवेश नहीं पर पाए है और अब संस्कारधानी में नए कोरोना पॉजिटिव केस आना भी बंद हो गए हैं। यह खबर सच में शहर के लोगो को सुकून देने वाली है।