*चौटाला के बाद अब अजित पवार को क्लीन चिट मिलने के बाद, भाजपा का असली चाल-चरित्र और चेहरा एक बार फिर उजागर*
November 25, 2019 • धर्मेंद्र शुक्ला

*चौटाला के बाद अब अजित पवार को क्लीन चिट मिलने के बाद, भाजपा का असली चाल-चरित्र और चेहरा एक बार फिर उजागर*

*भाजपा की कलियुगी गंगोत्री में नहा कर, हर भ्रष्ट हो जाता है ईमानदार : शोभा ओझा*

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग की अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा ने आज जारी अपने बयान में कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा के द्वारा बनाई गई अवैध, अस्थायी सरकार के द्वारा अजित पवार के ऊपर चल रहे एंटी करप्शन ब्यूरो के सभी मामले अविलंब हटा लिए जाने से यह साफ हो गया है कि भाजपा कलयुग की वह गंगोत्री बन गई है, जहां डुबकी लगाते ही अजित पवार और चौटाला जैसे भ्रष्ट, तत्काल प्रभाव से ईमानदारी के पर्याय बन जाते हैं। 

आज जारी अपने बयान में भाजपा की कथनी और करनी पर उक्त पलटवार करते हुए श्रीमती ओझा ने कहा कि भाजपा और अजित पवार द्वारा महाराष्ट्र में किया किया गया प्रजातंत्र का चीरहरण, दरअसल एक "नाजायज सरकार" द्वारा उठाया गया ऐसा कदम है, जिससे भाजपा का असली चाल-चरित्र और चेहरा एक बार फिर उजागर हो गया है और अजित पवार के उप मुख्यमंत्री बनने के 48 घंटे के बाद ही उन्हें 70000 करोड़ रुपए के सिंचाई घोटाले में क्लीनचिट मिलने से, यह बात भी साफ हो गई है कि श्री पी. चिदंबरम, श्री लालूप्रसाद यादव व श्री डी. के. शिवकुमार जैसे नेताओं, जिन्होंने भाजपा के दबाव में आने से इंकार कर दिया, वे तो भाजपा की नजर में भ्रष्टाचारी और बेईमान हैं लेकिन चौटाला और अजित पवार जैसे नेता, जो भाजपा की छत्रछाया में आ गए हैं, तत्काल प्रभाव से ईमानदारी की मूरत बन गए हैं। 

अपने बयान के अंत में श्रीमती ओझा ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में यही फर्क है कि वह "न खाऊंगा, न खाने दूंगा" की बात तो करती है लेकिन जब व्यापक जनमत के विरुद्ध विभिन्न प्रदेशों में, वह अपनी सरकारें बनाने पर आमादा होती है तो भ्रष्टाचार के द्वारा कमाए गए अकूत धन से, वह न सिर्फ संबंधित प्रदेशों में लोकतंत्र की हत्या करती है बल्कि उसकी मदद कर रहे भ्रष्टाचारियों को भी अविलंब ईमानदारी के प्रमाण पत्र जारी कर देती है।