सतना टेरर फंडिंग मामले में पकड़ाये आरोपियों को लेकर मुख्यमंत्री ने अपनाया कड़ा रुख। इस बेहद गंभीर अपराध में 2 वर्ष पूर्व पकड़ाये आरोपियों की जमानत होने व ज़मानत निरस्त को लेकर  तत्कालीन सरकार ने क्या निर्णय लिया , आरोपियों की निगरानी की क्या व्यवस्था रही , उस पर माँगी रिपोर्ट 
August 25, 2019 • धर्मेंद्र शुक्ला

सतना टेरर फंडिंग मामले में पकड़ाये आरोपियों को लेकर मुख्यमंत्री ने अपनाया कड़ा रुख।
इस बेहद गंभीर अपराध में 2 वर्ष पूर्व पकड़ाये आरोपियों की जमानत होने व ज़मानत निरस्त को लेकर  तत्कालीन सरकार ने क्या निर्णय लिया , आरोपियों की निगरानी की क्या व्यवस्था रही , उस पर माँगी रिपोर्ट
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प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने हाल ही में सतना टेरर फंडिंग मामले में पकड़ाये आरोपियों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए , उन पर कड़ी कार्रवाई करने के पूर्व में ही निर्देश जारी कर दिए हैं ।
साथ ही उन्होंने अब फरवरी 2017 में इस गंभीर मामले के खुलासे होने के बाद , पकड़ाये आरोपियों की जमानत होने और जमानत होने के बाद जमानत निरस्त कराने के लिए अपील को लेकर उस समय की तत्कालीन सरकार ने क्या कदम उठाए ,जमानत पर रिहा आरोपियों की निगरानी की क्या व्यवस्था की गई , इन सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की है।
उस समय पकड़ाये , ज़मानत पर रिहा अन्य आरोपियों वर्तमान में कहाँ है , क्या कर रहे है , उन पर निगरानी रखी गयी या नहीं , यह सारी रिपोर्ट मुख्यमंत्री ने तलब की है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि इतने संगीन अपराध में पकड़ाए गए आरोपी की जमानत होने के बाद ,वापस से उनका इसी अपराध में पकड़े जाना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

   मुख्यमंत्री कमलनाथ पूर्व में ही कह चुके है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो ,किसी को बख्शा नहीं जाए ,इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो ,इन्हें संरक्षण देने वालों का भी पर्दाफाश हो और मध्य प्रदेश की धरती पर इस तरह का देशद्रोही कार्य करने वाले रेकेट को नेस्तनाबूद किया जाए।