लोक अदालत में बिजली के 30 हजार प्रकरण रखे जाएंगे मप्रपक्षेविविकं को 92 करोड़ मिलने की उम्मीद, 44 कोर्ट में होंगे निराकरण
September 13, 2019 • धर्मेंद्र शुक्ला

लोक अदालत में बिजली के 30 हजार प्रकरण रखे जाएंगे
मप्रपक्षेविविकं को 92 करोड़ मिलने की उम्मीद, 44 कोर्ट में होंगे निराकरण
   ब्याज में 100 फीसदी तक छूट
इंदौर।  शनिवार 14 सितंबर की लोक अदालत में बिजली चोरी एवं अनियमितताओं
के प्रकरण तीस हजार से ज्यादा प्रकरण 15 जिलों के 44 न्यायालयों में रखे
जाएंगे। इन प्रकरणों को समझौते के माध्यम से निराकृत किया जाएगा।
मप्रपक्षेविविकं ने विद्युत उपभोक्ताओं एवं उपयोगकर्ताओं से अपील की गई
है कि वे अप्रिय कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए लोक अदालत में समझौता
करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क कर मौके पर मौजूद रहकर
निराकरण कार्य में सहभागी बने।
मप्रपक्षेविविकं इंदौर के एमडी श्री विकास नरवाल एवं मुख्य महाप्रबंधक
श्री संतोष टैगोर ने बताया कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, 138 तथा
126 के तहत दर्ज बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरणों में लोक अदालत
में समझौता किया जाएगा। कंपनी क्षेत्र में कुल 44 न्यायालयों में लोक
अदालत 14 सितंबर को लगेगी। इसमें कंपनी क्षेत्र के कुल 30428 प्रकरण
निराकरण के लिए रखे जाएंगे, इन प्रकरणों पर करीब 92 करोड़ रूपए बाकी हैं।
प्रकरणों में लिटिगेशन स्तर के 15228 एवं लिटिगेशन स्तर के 15200 हैं।
इंदौर शहर  में कुल 5000 से ज्यादा प्रकरण रखे जाएंगे। इसी तरह इंदौर
ग्रामीण के 2450, उज्जैन जिले के 6000, देवास के 4500 प्रकरण रखे जाएंगे।
अन्य जिलों के प्रकरण संबंधित कोर्ट में रखे जाएंगे व दोनों पक्षों की
मौजूदगी में निराकरण होगा। प्री लिटिगेशन पर मूल राशि में 40 फीसदी एवं
ब्याज में 100 फीसदी की छूट दी जाएगी। इसी तरह लिटिगेशन स्तर पर मूल राशि
पर 25 फीसदी एवं ब्याज में 100 फीसदी छूट दी जाएगी। निम्नदाब घरेलू,
समस्त कृषि, 5 केवी तक के गैर घरेलू, 10 एचपी तक के औद्योगिक श्रेणी के
उपभोक्ताओं को नियमानुसार छूट मिलेगी।