पूर्व महाधिवक्ता कौरव पर एफआईआर की तैयारी* -पुरूषेन्द्र कौरव का दावा...मेरे खिलाफ राजनीतिक षडयंत्र
September 25, 2019 • धर्मेंद्र शुक्ला

*पूर्व महाधिवक्ता कौरव पर एफआईआर की तैयारी*
-पुरूषेन्द्र कौरव का दावा...मेरे खिलाफ राजनीतिक षडयंत्र

भोपाल। मप्र के पूर्व महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो जबलपुर में एफआईआर की तैयारी की जा रही है। मप्र प्रदूषण निवारण मंडल से गलत तरीके से लाखों रुपए का भुगतान लेने के मामले में कांग्रेस नेता सौरभ शर्मा नाटी की शिकायत पर एफआईआर की तैयारी की गई है। इस मामले में पूर्व महाधिवक्ता के अलावा प्रदूषण निवारण मंडल के सदस्य सचिव एएन मिश्रा और विधि अधिकारी सुधीर श्रीवास्तव को भी सह आरोपी बनाया जा सकता है। भाजपा शासनकाल में सरकार के बेहद खास रहे पुरुषेन्द्र कौरव पर आरोप है कि उन्होंने कोर्ट में उपस्थित न रहकर भी वकील के रूप में लाखों की फीस वसूली है।

जबलपुर कांग्रेस के नेता सौरभ शर्मा नाटी ने 19 अप्रैल 2019 को ईओडब्ल्यू जबलपुर के पुलिस अधीक्षक को 2 पेज की शिकायत की थी। इसमें तमाम दस्तावेज संलग्न किए गए हैं। शर्मा ने अपनी शिकायत में कहा है कि मप्र प्रदूषण निवारण मंडल के अधिवक्ताओं की सूची में पुरुषेन्द्र कौरव शामिल थे। उन्हें वर्ष 2016-17 में 35.93 लाख का भुगतान किया गया एवं वर्ष 2017-18 में 31.75 लाख का भुगतान किया गया। जिन प्रकरणों में भुगतान किया गया है वे एनजीटी, जबलपुर हाईकोर्ट एवं दिल्ली एनजीटी में वकील के रूप में प्रस्तुत होने के लिए किया गया है। सौरभ शर्मा ने अपनी शिकायत में कहा है कि नियमानुसार अधिवक्ताओं का भुगतान पूरे प्रकरण अथवा प्रकरण में उपस्थिति  के मान से किया जाता है, लेकिन कौरव को भुगतान का कोई मापदण्ड तय नहीं था। प्रदूषण निवारण मंडल में कौरव ने अपनी जुनियर पारुल उपाध्याय को भी  पैनल में शामिल कराया था।
शिकायत मिलने के बाद आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने इस संबंध में दस्तावेज मांगने के लिए कई पत्र प्रदूषण निवारण मंडल को लिखे, लेकिन मंडल ने ईओडब्ल्यू को जानकारी नहीं भेजी। बताया जाता है कि पिछले दिनों एक पूर्व मुख्यमंत्री की फटकार के बाद मंडल ने लगभग एक हजार पेज के दस्तावेज ईओडब्ल्यू को भेज दिए है। ईओडब्ल्यू इन दस्तावेजों का अध्ययन कर एफआईआर की तैयारी कर रहा है।

*इनका कहना है*

मैंने अपनी शिकायत के साथ पर्याप्त दस्तावेज लगाए हैं जो एफआईआर के  लिए पर्याप्त सबूत हैं। ईओडब्ल्यू को तत्काल प्रकरण कायम कर पूर्व महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव, ए.एन. मिश्रा, सुधीर श्रीवास्तव के खिलाफ धारा 403/420/467/468 एवं 471 आईपीसी के तहत प्रकरण कायम करना चाहिए।  इस संबंध में ईओडब्ल्यू को जो भी सबूत चाहिए मैं उपलब्ध कराने को तैयार हूं।
*- सौरभ शर्मा नाटी, शिकायतकर्ता*


मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश के तहत शिकायत कराई गई है। शिकायत पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है, मैं किसी भी आरोप का जवाब देने को तैयार हूं।
*पुरुषेन्द्र कौरव, पूर्व महाधिवक्ता मप्र*

कई पत्र लिखने के बाद प्रदूषण निवारण मंडल से जानकारी आ गई हैं जिसका अध्ययन किया जा रहा है। यदि शिकायत के संबंध में सबूत पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
*देवेन्द्र राजपूत, पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो जबलपुर*