पर्यावरण के लिए आदत बदली, परंपरा सालों पुरानी : श्राद्ध में पक्षियों के लिए डिस्पोजेबल के बजाय पत्तों में रखा भोजन*
September 26, 2019 • धर्मेंद्र शुक्ला

*पर्यावरण के लिए आदत बदली, परंपरा सालों पुरानी : श्राद्ध में पक्षियों के लिए डिस्पोजेबल के बजाय पत्तों में रखा भोजन*

इंदौर। यह तस्वीर राजकुमार ब्रिज की है। श्राद्ध में पितरों के निमित्त काैओं को भोजन कराया जाता है। कौए तो घरों में आते नहीं हैं, इसलिए इनका भोजन राजकुमार ब्रिज की इस रैलिंग पर रखा जाता है। ऐसा बरसों से होता आ रहा है, लेकिन इस बार लोगों ने पर्यावरण के कारण आदत बदली है। पहले भोजन डिस्पोजेबल आइटम में रखा जाता था, पर अब पत्तों में। मालूम हो कि 2 अक्टूबर से देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लग जाएगा।
*रेलवे स्टेशन पर सिंगल यूस प्लास्टिक बंद, पत्तों के दोने में दे रहे* कचौरी-समोसे : रेलवे स्टेशन पर सिंगल यूस प्लास्टिक पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। रतलाम रेल मंडल के अधिकारियों के निर्देश के बाद स्टेशन पर कैंटीन-स्टॉल पर दोने में कचौरी-समोसे अौर पोहे यात्रियों को मिलने लगे। वहीं, जल्द ही स्टेशन पर चाय-कॉफी कुल्हड़ में मिलने लगेगी। कैंटीन संचालकों ने भी इस पहल को सराहा है। स्टेशन पर प्लास्टिक का उपयोग तो नहीं हो रहा, इसे लेकर अधिकारी भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने को लेकर यात्रियों को जागरूक भी किया जा रहा है।