इंदौर जिले में जिला प्रशासन की "आवाहन" योजना का प्रभावी क्रियांवयन* *33 जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए साढ़े 14 लाख रूपये की मदद*
August 23, 2019 • धर्मेंद्र शुक्ला

*इंदौर जिले में जिला प्रशासन की "आवाहन" योजना का प्रभावी क्रियांवयन*
*33 जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए साढ़े 14 लाख रूपये की मदद*
इंदौर। जिले में जरूरतमंद मरीजों के इलाज में आर्थिक सहायता मुहिया कराने  के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवाहन नाम से योजना का क्रियांवयन प्रारंभ किया गया है। यह अभिनव योजना कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव की पहल पर शुरू की गई है। इस योजना का जिले में गत मार्च महिने से प्रभावी क्रियांवयन शुरू किया गया है। योजना के अंतर्गत अब तक 33 जरूरतमंद मरीजों को साढ़े 14 लाख रूपये से अधिक की मदद उपलब्ध कराई गई है। 
कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव की पहल पर स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास एवं सेवा तथा विकास के क्षेत्र में अनेक नवाचार किये जा रहें है। यह नवाचार भी इसी का एक हिस्सा है। बताया गया है कि यह योजना ऐसे परिवार जिसके सदस्य किसी गंभीर बिमारी से पीड़ित हैं और वह इलाज नहीं करवा पर रहें हैं तथा वह किसी शासकीय योजना में भी पात्र नहीं हैं उनके लिए संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत निजी चिकित्सालयों में स्वैच्छा अनुसार माह में कम से कम एक मरीज को रियायती दर पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के मूल निवासी तथा आर्थिक रूप से कमजोर एवं गैर आयकरदाता योजना हेतु पात्र रहते है। इनको कलैटर कार्यालय में आवेदन करना होता है। योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदन पत्रों के संधारण एवं मॉनिटरिंग  हेतु ऑनलाइन साफ्टवेयर तैयार किया गया है, इसमें समस्त आवेदन पत्रों की प्रविष्टि की जाती है। प्रत्येक आवेदन पत्र के परीक्षण उपरांत सामान्य परिस्थितियों में आवेदक को उसके निवास क्षेत्र के समीप के निजी चिकित्सालय में उपचार के लिए आवंटन पत्र दिया जाता है। विशेष परिस्थितियों में एवं  बीमारी की गंभीरता को देखते हुए यदि उपचार किसी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में ही संभव हो तो निवास क्षेत्र की वाधता नहीं रहती है। योजना के अंतर्गत अस्पताल में बैड, नर्सिंग सेवा, ओटी एवं आईसीयू सर्विस चार्ज नि:शुल्क रहता है। विभिन्न जांचों, चिकित्सकों की फीस आदि में रियायत भी दिलाई जाती है। उपचार की अधिकतम सीमा एक लाख रूपये रहती है। उपचार पर इससे अधिक व्यय आवेदक को खर्च करना होता है। योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।