आदिवासी विकास विभाग के स्कूलों और छात्रावासों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने तथा आवश्यक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने के लिये बनेगी कार्ययोजना l
September 8, 2019 • धर्मेंद्र शुक्ला

 


   आदिवासी विकास विभाग के स्कूलों और छात्रावासों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने तथा आवश्यक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने के लिये बनेगी कार्ययोजना l
  आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने ली संभागीय समीक्षा बैठक l


इंदौर 8 सितंबर 2019


     मध्य प्रदेश के आदिम जाति कल्याण विभाग के मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने कहा है कि प्रदेश में आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित स्कूलों, आश्रमों और छात्रावासों की व्यवस्थाओं को चुस्त दुरस्त बनाने के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी। राज्य सरकार का प्रयास रहेगा कि इन संस्थाओं में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं मिले, जिससे कि इनके बच्चे बेहतर परिणाम दे सकें और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अपना मुकाम हासिल करें। श्री मरकाम ने कहा कि इन संस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी आवश्यक संसाधन और सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। कोई कोर कसर नहीं रखी जाएगी।
       मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम आज इंदौर में संभाग स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में इंदौर संभाग के सभी जिलों के आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी, स्कूलों के प्राचार्य तथा छात्रावास और आश्रमों के अधीक्षक आदि उपस्थित थे। श्री मरकाम ने बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता, शाला भवन की भौतिक स्थिति, छात्रावास और आश्रमों में शौचालय, पेयजल एवं स्वच्छता की स्थिति, रिक्त पदों की स्थिति, क्रीडा गतिविधियां, पाठ्य-पुस्तक एवं सायकिल वितरण, परीक्षा परिणामों आदि की समीक्षा की। 
छात्रावासों एवं आश्रमों में पेयजल एवं स्वच्छता की स्थिति की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि यह कोशिश करें कि सभी छात्रावास एवं आश्रमों में अनिवार्य रूप से आरओ का शुद्ध पेयजल मिले। अभी 748 आश्रम-छात्रावासों में से 672 में आरओ के शुद्ध पेयजल की उपलब्धता है। सभी प्राचार्य एवं अधीक्षकों से कहा कि वे शौचालय, स्नानागार की वास्तविक स्थिति भेजें, जिससे कि उसमें सुधार करवाया जा सके अथवा नया बनवाया जा सके। आश्रम, छात्रावासों में अन्य संसाधनों की कमियां भी बताई जाए, जिससे कि उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जा सके। यह रिपोर्ट 3 दिन में भेजें। मंत्री श्री मरकाम ने कहा कि जर्जर भवन में आश्रम, छात्रावासों का संचालन नहीं किया जाए। अगर कहीं इस तरह के जर्जर भवन है तो संबंधित कलेक्टर को सूचना देकर अन्यत्र व्यवस्था की जाए। सभी आश्रमों एवं छात्रावासों तथा स्कूलों में पर्याप्त साफ-सफाई रहे, शौचालय की व्यवस्था भी बेहतर रहे, यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी विद्यार्थी को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। 
      मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि सभी स्कूल बेहतर परिणाम देने के प्रयास करें। उन्होंने गत शैक्षणिक सत्र के दौरान कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणामों की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ऐसे स्कूल चयनित किए जाएं, जिनके परीक्षा परिणाम न्यूनतम रहे हैं। उनके लिए कार्ययोजना बनाकर परीक्षा परिणामों में सुधार लाया जाए। यह तय किया जाए की न्यूनतम परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षक शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों में जाएं और उनसे सीखें कि उन्होंने बेहतर परीक्षा परिणाम कैसे प्राप्त किए हैं। इसी तरह उन्होंने निर्देश दिए कि शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षक न्यूनतम परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों में जाएं और वहां की कमियों को देखें और उन्हें दूर करने की समझाइश दें। श्री मरकाम ने कहा कि आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित संस्थाओं के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार करें। आवश्यक होने पर विशेषज्ञों की सलाह भी ली जाए।