आंचलिक हिन्दी  अखबार भी अब होंगे ऑनलाइन* *गूगल द्वारा ऑफलाइन समाचार पत्रों के वेब पेज बनाने की पहल*
August 24, 2019 • धर्मेंद्र शुक्ला

*आंचलिक हिन्दी  अखबार भी अब होंगे ऑनलाइन*
*गूगल द्वारा ऑफलाइन समाचार पत्रों के वेब पेज बनाने की पहल*
इंदौर 23 अगस्त,2019

संभागीय जनसम्पर्क कार्यालय,इंदौर के समन्वय से गूगल द्वारा हिन्दी में प्रकाशित उन समस्त समाचार पत्र/पत्रिकाओं के वेब पेज बनाने की पहल की गयी है जो अभी ऑफ लाईन प्रकाशित होते हैं। समाचार-पत्रिकाओं के वेब पेज नि:शुल्क बनाकर दिये जायेंगे। इससे समाचार पत्र/पत्रिकाओं को ऑन लाईन किया जा सकेगा। इस उद्देश्य से 29 अगस्त, 2019 गुरूवार को स्थानीय होटल रेडिसन ब्लू में पूर्वान्ह 9 बजे से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन रखा गया है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिये पत्र-पत्रिका का आरएनआई नं.,प्रकाशक का नाम तथा रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर और लाईन का पता, जीमेल आई.डी. का होना जरूरी है।
गूगल के क्षेत्रीय  प्रबंधक श्री प्रशांत सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रिंट पब्लिशर्स को गुगल ऑनलाइन लाना चाहता है। गूगल का प्रोजेक्ट नवलेखा खासतौर पर क्षेत्रीय भाषा में कंटेंट लिखने वाले पब्लिशर्स की मदद करेगा। ताकि वह अपने कंटेंट को ऑनलाइन पब्लिश कर सकें।

उल्लेखनीय है कि गूगल में अंग्रेजी की तुलना में भारतीय भाषा में कंटेंट केवल एक प्रतिशत है। क्षेत्रीय भाषा के पब्लिशर को इंटरनेट पर कंटेंट ले जाने के लिए काफी मुश्किलों से होकर गुजरना पड़ता है। गूगल के प्रोजेक्ट नवलेखा के तहत आसान ऐप्लिकेशन प्रोसेस की मदद से वेबपेज बना सकेंगे। 

गूगल से प्राप्त आकड़ों के अनुसार भारत में 135,000 प्रिंट पब्लिशर्स में से 90 प्रतिशत ऐसे हैं जिनकी खुद की वेबसाइट नहीं है।गूगल के नए प्रोजेक्ट के तहत कंपनी का यही उद्देश्य है कि वह ऑफलाइन पब्लिशर्स को इतना समर्थ बनाए कि वह अपने कंटेंट को ऑनलाइन लेकर आ सकें। गूगल को प्रोजेक्ट नवलेखा में पब्लिशर्स को सुंदर वेबपेज, ब्रांड डोमेन पर अनलिमिटेड फ्री होस्टिंग और सपोर्ट मिलेगा। 
कार्याशाला में गूगल  एक वेबसाइट को सेटअप करने के लिए विशेषज्ञ सहायता प्रदान करेगा। इसके लिए किसी भी तरह के शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा। संभागीय जनसम्पर्क जनसम्पर्क कार्यालय इंदौर द्वारा इस सनहरे अवसर  का लाभ उठाने का आव्हान सभी आंचलिक पत्र पत्रिकाओं से किया गया है।