अर्थ व्यवस्था को समझने समझाने वालों का महत्वपूर्ण ठिकाना इनवेस्टोपिडिया डाॅट काम है। 
September 4, 2019 • धर्मेंद्र शुक्ला

अर्थ व्यवस्था को समझने समझाने वालों का महत्वपूर्ण ठिकाना इनवेस्टोपिडिया डाॅट काम है। 

इसमें 07 जून 2019 को छपे लेख के अनुसार दुनिया के टाॅप 10 देश पुरे दुनिया दो तिहाई यानी 67% सम्पत्ति पर अधिकार रखते हैं। जबकि अकेले अमेरिका दुनिया के एक चौथाई यानी 24.3% सम्पत्ति पर अधिकार रखता है। 

इसके अनुसार अर्थ व्यवस्था में टाप टेन के देश निम्न क्रम में हैं।
1- अमेरिका 
2- चीन
3- जापान
4- जर्मनी 
5- युनाईटेट किंगडम
6- भारत 
7- फ्रांस 
8- ब्राजील 
9- इटली 
10- कनाडा 

यह क्रम जब GDP - PPP यानी परचेजिंग पावर पैरिटी के क्रम में लिखा जाएगा तो टाप 03 देशों का क्रम निम्नवत है
1- चीन 
2- अमेरिका 
3- भारत 

फिलहाल अपने देश में सभी लोग आर्थिक विशेषज्ञ बने हुए हैं। इसमें एक को सब हरा ही हरा दिख रहा है जबकि दूसरे को सब बदरंग...

 इसलिए यह आवश्यक है की जब कोई बात समझ में कम आए तो उसे तुलना करके जांचना परखना जरुरी हो जाता है।

फिलहाल जो टाॅप 10 दुनियां की इकोनाॅमी हैं, यदि उन सबके जुलाई 2018 और जुलाई 2019 के GDP के आकङे रखे जांय तभी यह संभव है की हम यह बता पाएंगे की क्या वास्तव में भारत में मंदी है या फिर यह सामान्य साईक्लिक चेंज है, जो पुरी दुनिया की तरह भारत में भी है?? 
यदि वर्तमान सरकार की नीतियों ने मंदी लाया है तो यह प्रभाव भारत में आईसोलेटेड होना चाहिए और यदि यह सामान्य चक्र है तो सभी जगह मंदी होना चाहिए।

इसलिए इस सम्बन्ध में मैं सभी टाॅप टेन देशों का आकङा यहां रखने जा रहा हूँ।

1- अमेरिका 
     July 2018 - 3.5% 
     July 2019 - 2 0% 

2- चीन 
     July 2018 - 6.7% 
     July 2019 - 6.2% 

3- जापान 
     July 2018 - 0.4% 
     July 2019 - 0.4%
इस बीच यह जानना आवश्यक है की 2018 की आखिरी तिमाही में जापान की जीडीपी माइनस 0.5% पहुच गयी थी। 

4- जर्मनी 
      July 2018 - 2.0% 
      July 2019 - 0.7% 

5- युनाईटेट किंगडम 
      July 2018 - (+)0.7%
      July 2019 - (-)0.2% 
युनाईटेट किंगडम टाप 05 में जापान के बाद दूसरा ऐसा देश है जो वास्तव में मंदी का शिकार है, जबकि बाकी देश अर्थ व्यवस्था के बढ़ाव के कम रफ्तार से परेशान हैं।

6- भारत 
      July 2018 - 8.0% 
      July 2019 - 5.0% 

7- फ्रांस 
     July 2018 - 1.9%
     July 2019 - 1.4%

8- ब्राजील 
     July 2018 - (-)0.1%
     July 2019 - (+)0.4%
यह जानना आवश्यक है की ब्राजील, जापान और युनाईटेट किंगडम के बाद तीसरा ऐसा देश है जो की वास्तव में मंदी का शिकार है क्योंकि अभी 2019 के पहले तिमाही में ब्राजील का GDP बढाव माइनस में पहुच गया था।

9- इटली 
      July 2018 - 0.1% 
      July 2019 - 0.1% 
इटली भी वास्तव में मंदी से जूझ रहा है क्योंकि 2018 के आखिरी तिमाही और 2019 के पहली तिमाही यानी लगातार 06 महिने तक इटली के GDP ग्रोथ की रफ्तार माईनस में रही है।

10- कनाडा 
         July 2018 - 0.6% 
         July 2019 - 0.9% 
कनाडा टाॅप 10 इकोनाॅमी में एकमात्र ऐसा देश है जिसकी GDP का ग्रोथ रेट बढा है।

उपर के आकड़ों से निम्न बाते स्पष्ट होती हैं :- 

A-  वे टाप 10 के देश जो पिछले एक साल में कभी न कभी वास्तव में मंदी (माईनस ग्रोथ) के शिकार रहे - 04
(जापान, युनाईटेट किंगडम, इटली, ब्राजील)

B - वे टाप टेन के देश जिनमें पिछले एक साल में GDP के बढाव में सुस्ती देखी गयी - 05 
(अमेरिका, चीन, भारत, जर्मनी, फ्रांस)

C - वे टाप टेन के देश जिनके अर्थ व्यवस्था में पिछले साल से सुधार पाया गया - 01 
(कनाडा)

तो उपरोक्त आकङे भारत की अर्थ व्यवस्था के सम्बन्ध में के सम्बन्ध में स्पष्ट रुप से बहुत कुछ बाते बताते हैं।

जो लोग भारतीय अर्थव्यवस्था में सुस्ती के पीछे नोटबंदी, GST, युद्धोन्माद बता रहे हैं उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए की आखिर जिन 04 देशों में वास्तव में मंदी आई है क्या वहां भी यह स्थिति है??

उन लोगों को यह भी जबाब देना चाहिए की आखिर भारत के अतिरिक्त जिन 03 देशों के GDP के ग्रोथ रेट में कमी आई है, उसका कारण क्या है?? 

वास्तविकता तो यह है की ये आकङे चीख चीखकर बता रहे हैं की यह GDP के बढाव में कमी एक सामान्य साईक्लिक परिवर्तन है। लेकिन यह स्वीकारने के लिये अध्ययन, बुद्धि और निष्पक्षता तीनो चाहिए।